अमरुद का मुरब्बा लाइलाज दिल की बीमारी भी चुटकी मे दूरकार सकता है, Guava ka Murabba for Heart Disease
अमरुद का मुरब्बा लाइलाज दिल की बीमारी भी चुटकी मे दूरकार सकता है, Guava ka Murabba for Heart Disease

अमरुद का मुरब्बा लाइलाज दिल की बीमारी भी चुटकी मे दूरकार सकता है, Guava ka Murabba for Heart Disease

अमरुद का मुरब्बा लाइलाज दिल की बीमारी भी चुटकी मे दूरकार सकता है- Guava ka Murabba for Heart Disease

अमरूद लाल और पीलापन (red and yellow) लिए हुए हरे रंग के होते हैं। बीज वाले (with seed) और बिना बीज (without seed) वाले तथा अत्यंत मीठे और खट्टे-मीठे (sweet and tangy) प्रकार के अमरूद आमतौर पर देखने को मिलते हैं। सफेद की अपेक्षा लाल रंग के अमरूद गुणकारी (more effective) होते हैं। सफेद गुदे वाले अमरूद अधिक (more sweet) मीठे होते हैं। फल का भार (weight of fruit) आमतौर पर 30 से 450 ग्राम तक होता है।

आमतौर (normally) देखा जाता है कि जब लोग फल खरीदने (people who going to buy fruit) जाते हैं तो उनकी नज़र में केला (banana), सेब (apple), अंगूर (grapes) तथा आम (mango) आदि फल ही पोशक तत्वों (nutrition enzymes) से भरपूर नज़र आते हैं। अमरूद जैसा सस्ता (cheap) तथा सर्वसुलभ (easily available) फल उन्हें बेकार और गरीबों (poor) के खाने योग्य ही लगता है, पर वास्तव में (not in reality) ऐसा नहीं है। अमरूद में सेब से भी अधिक (more nutrition’s than apple) पोशक तत्व होते हैं। इसीलिए इसे `गरीबों का सेब´(apple of poors) भी कहा गया है।

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मुरबा बनाने की सामग्री: Ingredients For Making Murabba

  • 10-12 ताजे अमरुद – Fresh Guava

मुरबा बनाने की विधि: Know How to Make Guava Murabba

– अच्छी किस्म (good quality) के तरोताजा (fresh) बड़े-बड़े अमरूद लेकर उसके छिलकों (remove the peel) को निकालकर टुकड़े कर (cut in pieces) लें और धीमी आग (low flame) पर पानी में उबालें।

– जब अमरूद आधे पककर नरम (soft) हो जाएं, तब नीचे उतारकर कपड़े (cloth) में डालकर पानी (remove water) निकाल लें।

– उसके बाद उससे 3 गुना शक्कर (sugar) लेकर उसकी चासनी (chashni) बनायें और अमरूद के टुकड़े (pieces of guava) उसमें डाल दें।

– फिर उसमें इलायची (ilaychi) के दानों का चूर्ण (churan) और केसर (kesar) इच्छानुसार डालकर मुरब्बा (murabba) बनायें।

– ठंडा होने पर इस मुरब्बे को चीनी-मिट्टी के बर्तन (chinni-mitti bowl) में भरकर, उसका मुंह बंद (cover for few days) करके थोड़े दिन तक रख छोड़े।

– यह मुरब्बा 20-25 ग्राम की मात्रा में रोजाना खाने (eat daily) से कोष्ठबद्धता (constipation- कब्जियत) दूर होती है।

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अमरुद के मुराबे के फायदे: Benefits of Guava ka Murabba

 – अमरूद के फलों (guava fruit) के बीज निकालकर बारीक-बारीक काटकर (cut in small pieces) शक्कर के साथ धीमी आंच (low flame) पर बनाई हुई चटनी हृदय के लिए अत्यंत (good for heart) हितकारी होती है तथा कब्ज (relief in constipation) को भी दूर करती है।

– अमरूद को कुचलकर उसका आधा कप रस (half cup juice) निकाल लें। उसमें थोड़ा-सा नींबू का रस (lemon juice) डालकर पी जाए।

– अमरूद में विटामिन-सी (vitamin C) होता है। यह हृदय में नई शक्ति (new energy) देकर शरीर में स्फूर्ति (energetic) पैदा करता है।

– दमा (asthama) व खांसी (cough) वाले इसे न खायें।

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