Winter Special Alsi Pinni Recipe, सर्दियो में ख़ास अलसी की पिन्नी
Winter Special Alsi Pinni Recipe, सर्दियो में ख़ास अलसी की पिन्नी

Winter Special Alsi Pinni Recipe- सर्दियो में ख़ास अलसी की पिन्नी

Winter Special Alsi Pinni Recipe- सर्दियो में ख़ास अलसी की पिन्नी

सर्दियों के मौसम (winter season) ने दस्तक दे दी है. इस मौसम (atmosphere) में आपके परिवार को अधिक केयर (family care) की जरूरत है. अलसी (Flax Seeds) से बने खाद्य पदार्थ आपके परिवार को सर्दी जुकाम खांसी (cough and cold) आदि से लड़ने की प्रतिरोधात्मक शक्ति (immune system) देते हैं.

अलसी में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 नाम के अम्ल (elements) होते हैं जो आपके शरीर के कोलोस्ट्रोल को संतुलित (control the cholesterol) करते हैं. अपने पदार्थ गुण में अलसी के बीज अखरोट और बादाम (walnut and almonds) को मात देते हैं लेकिन मूल्य में बहुत सस्ते.  आयुर्वेद (ayurveda) के अनुसार अलसी के बीज  वात, पित्त और कफ को संतुलित (balance) करते हैं

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अलसी की पिन्नी सर्दियो में खाई जाने वाली पारम्परिक पौष्टिक (traditional nhealthy sweet) मिठाई है. अलसी की पिन्नी सर्दियों में बनाकर (make and store in winter season) रख लीजिये, रोजाना 1-2 अलसी की पिन्नी खाइये, सर्दी, जुकाम, खासी, जोड़ों के दर्द सभी में फायदा (benefit in all winter problems) पहुंचाती है., तो आइये अलसी की पिन्नी बनाना शुरू करें.

अलसी की पिन्नी  बनाने के लिए आवश्यक सामग्री – Ingredients for Alsi Ki Pinni

 

    अलसी – Flax Seeds- 500 ग्राम ( 4 कप)

    गेहूं का आटा – Wheat Flour- 500 ग्राम ( 4 कप)

    देशी घी – Desi Ghee- 500 ग्राम ( 2/1/2 कप)

    गुड़ या चीनी – Jaggery or Sugar- 800 ग्राम ( 4 कप)

    काजू – Cashew- 100 ग्राम

    बादाम – Almonds- 100 ग्राम

    पिस्ता – Pistacheo- 1 टेबल स्पून

    किशमिश – Kishmish- 1 टेबल स्पून

    गोंद – Glue- 100 ग्राम

    इलाइची – Ilaichi- 15 (छील कर कूट लीजिये)

 

अलसी की पिन्नी बनाने की विधि – How to make Alsi Ki Pinni

अलसी  को थाली में डालकर अच्छी तरह छान (clean the flax seeds) बीन कर साफ कर लीजिये.

अलसी को सूखी कढ़ाई (kadahi) में डालिये, रोस्ट कीजिये (अलसी रोस्ट करते समय चट चट की आवाज –sound- करती है) और मिक्सी (mixer) से पीस लीजिये.  इन्हें थोड़े दरदरे पीसिये (mash), एकदम बारीक मत कीजिये.

गेंहू के आटे (wheat flour) को आधा घी डाल कर ब्राउन होने तक और अच्छी महक (smell) आने तक भून लीजिये. भुने आटे को किसी थाली या ट्रे (tray) में निकाल कर रख लीजिये.

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गोंद को बारीक तोड़ कर बचे हुये घी (ghee) में तलिये, गरम घी में थोड़ा गोंद (gaund) डालिये, गोंद फूल जाता है, हल्का ब्राउन (light brown) होने पर थाली में निकालिये और सारा गोंद इसी तरह तल (fry) कर निकाल लीजिये. ठंडा होने पर तले हुये गोंद (fried gaund) को चकले पर या किसी थाली में बेलन की सहायता (help of belan) से दबा दबा और बारीक कर लीजिये.

गोद तलने (fry) के बाद जो घी बचा हुआ है उसमें पिसी हुई अलसी (flax seeds) को डालिये और कलछी से चला चला कर मीडियम और धीमी आग (medium or low flame) पर अच्छी महक आने तक भूनिये और थाली (plate) में निकाल लीजिये.

काजू, बादाम और पिस्ते (cut dry fruits in small pieces) छोटा छोटा काट लीजिये.

गुड़ या चीनी (jaggery or sugar) की मात्रा का आधा पानी मिलाकर कढ़ाई (kadahi) में डालिये और चाशनी बनने के लिये रखिये. चीनी घुलने तक चमचे (spoon) से चलाइये और 1 तार की चाशनी तैयार कर लीजिये (चाशनी के टैस्ट के लिये चमचे से 1 बूंद चाशनी प्याली में गिरायें (drop in cup) और ऊंगली अंगूठे के बीच चिपका कर देंखें कि जब ऊंगली और अंगूठे (finger and thumb) को अलग करें तो चाशनी से तार निकलना चाहिये). आग बन्द कर दीजिये.

चाशनी में भुना आटा (roasted flour), भुनी अलसी, काटे हुये मेवे, गोंद और इलाइची (ilaichi) डाल कर अच्छी तरह मिला दीजिये.  हल्का गरम रहने पर हाथ से थोड़ा थोड़ा (एक नीबू के बराबर) मिश्रण (mixture) निकाल कर लड्डू बनाकर थाली में रखिये. सारे मिश्रण (all mixture) से लड्डू बनाकर तैयार कर लीजिये या हाथ से चौकोर (round or square shape) आकार देते हुये बरफी बना लीजिये.

अगर आप बरफी जमाना चाहते हैं तब आप गरम मिश्रण (hot mixture) को घी से की चिकनी की गई थाली (thali) में डालिये और एकसार करके जमा दीजिये. आधा घंटे (half hour) या बरफी के जमने के बाद अपने मन पसन्द टुकड़ों में काट (cut) लीजिये.

अलसी की पिन्नी तैयार है, अलसी की पिन्नी (flax seeds) को खाइये और बची हुई पिन्नी किसी एअर टाइट कन्टेनर (air tight container) में भर कर रख लीजिये और 1 महिने तक रोजाना अलसी की पिन्नी (Alsi Ki Pinni) खाइये.

सावधानियां- Take Care

गोंद को तलते समय आग धीमी और मीडियम (low or medium flame) ही रखें, तेज आग पर गोंद अच्छा नहीं फूलता, ऊपर से भुनता है (roast) और अन्दर से कच्चा निकल आता है.

पिसी अलसी (flax seeds) को मीडियम और धीमी आग पर ही भूनें (तेज आग (high flame) पर भूनने से जलने का खतरा है).

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चाशनी बनाते समय ध्यान (Care) रखें कि वह सही बने, चीनी पानी में घुलने (mix in water) के बाद ही चाशनी का टैस्ट कीजिये और 1 तार की चाशनी(chashni)  बना लीजिये, चाशनी ज्यादा होने पर, वह तुरन्त जमने (freeze) लगेगी और पिन्नी नहीं बन सकेगी, अगर चाशनी (chashni) में तार नहीं बन रहा हो तो वह जमेगी ही नहीं और पिन्नी नरम (soft) रहेगी.

सूखे मेवे (dry fruits) आप अपने पसन्द से कम ज्यादा कर सकते हैं, आपको जो मेवा पसन्द (you like) हो वह डाल सकते हैं और जो मेवा न पसन्द हो वह (you can remove dry fruits too) हटा सकते हैं.

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